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वो पागल सा एक लड़का ........

Posted On: 28 Sep, 2011 Others में

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वो पागल सा एक लड़का जो देख के मुझको हँसता था |
बाहर से मुझे नफरत थी पर दिल में मेरे बसता था ||
दर्द छुपाकर जीना उसकी एक पुरानी आदत थी
अन्दर अन्दर रोता था बाहर बाहर हँसता था ||
कैसे पूंछू , किससे पूंछूं क्यों नहीं देता अब वो दिखाई
… रोज़ गुज़रता था वो इधर से उसका ये रस्ता था ||
क्यों ठुकराया मांग के उसको , सोच के अब पछताती हूँ
दिल के बदले दिल माँगा था , सौदा कितना सस्ता था ||

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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Mildred के द्वारा
October 17, 2016

I feel so much happier now I unsendtard all this. Thanks!

November 25, 2011

क्यों ठुकराया मांग के उसको , सोच के अब पछताती हूँ दिल के बदले दिल माँगा था , सौदा कितना सस्ता था || . बहुत ही खूबसूरत पंक्तियाँ आदरणीय योगी जी । सादर आभार !! :)

    yogi sarswat के द्वारा
    September 7, 2012

    आपके विचारों का हार्दिक अभिनन्दन ! संवाद बनाये रखियेगा

Santosh Kumar के द्वारा
September 28, 2011

योगी जी ,.सादर चरण वंदना आप एक साथ कमसे कम बीस पोस्ट किया करें ,..पूरा पेज ही कूदना आसान होगा ….धन्यवाद

    yogi sarswat के द्वारा
    September 7, 2012

    बहुत बहुत धन्यवाद आपका ! संवाद बनाये रखियेगा


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